Emotional poem l अंतिम विदाई

Emotional poem

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🕊️
चिरैया बोली अपने प्रिय से,
क्या होगा जब प्रलय काल आएगा?
मैं तो बलशाली नहीं,
की उड़ पाऊंगी तूफान में,
तुम ही श्रेष्ठ हो प्रिय,
उड़ जाना तुम शान से।

प्रिय बोला, चिरैया का,
तुम बिन मैं न पूरा हूं।
अगर तुम न दोगी साथ मेरा,
मैं भी बिल्कुल अधूरा हूं।
लो पंख दिया है काट,
अब तुमसे न अलग हो पाऊंगा।
तुम देना साथ मेरा,
मैं तुम्हारा साथ निभाऊंगा।

एक दिन ऐसा आया,
जब चारो ओर तूफान था।
ह्रदय के भीतर संशय था चिरैया के,
फिर भी देखो उसका प्रिय
कितना महान था।
बोला चिरैया को तुम उड़ जाओ,
मैं तो न उड़ पाऊंगा,
मैं तो हूं तुम्हारा प्रिय,
तुम्हारे इंतजार में यहीं रुक जाऊंगा।
बात सुन अपने प्रिय का,
चिरैया कुछ समझ न पाई।
तूफान की उस विरह की रात में,
चिरैया ने दी प्रिय को अंतिम विदाई।

थम गया तूफान जब,
चिरैया भी अपने घोंसले में वापस आई।
पर एक तूफान अब भी बाकी था,
चिरैया का प्रिय अब न रहा।
एक संदेश बस वहां वो छोड़ गया,
एक बार कहती साथ दोगी तुम मेरा,
तुम्हारे इंतजार में
“अंतिम सांस तक प्राण बाकी था।”

Emotional poem in Hindi 👇
Hindi Poetries on life l मेरा आईना चुप है
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