Emotional poetry l नववर्ष का तोहफा🎁

Emotional poetry

EMOTIONAL POETRY

चारों ओर जश्न था ,
एक खुशनुमा माहौल था,
बात यह थी कि
आज नई साल का आगाज था।
उस शहर के इस माहौल में
एक कोने में अभी बहुत तन्हाई थी,
एक बच्चा जो भूखा चेहरा लेकर बैठा था ,
मां भी थी उसकी भूखी प्यासी बेकाबू सी।
उस बाल मन की व्याकुलता ने
मां से पूछा- मां !बना रहे हैं ये जश्न क्यूं यहां ?
चाराें ओर रोशनी परसाई थी,
कड़कती ठंड में मां बोली-
बेटा !नववर्ष है आया
जिसका जश्न मना रहे हैं यहां -वहां।

मां !फिर क्यों हमने
चार दिनों से कुछ नहीं खाया?
इस कड़कती ठंड में
हमने भी जश्न क्यों नहीं बनाया ,
क्यों कपड़े लोग लाखों के पहने उड़े हैं ,
क्यों एक कपड़ा भी तूने मुझे नहीं दिलाया?
हर बच्चे की मां उन्हें तोहफा देते दिखती है ,
क्या तूझे मेरे लिए एक रोटी भी नहीं मिलती है ?

मां बोलीं बेटा! तुझे परियों की कथा सुनाती हूं,
जहां सब कुछ मिलेगा तेरे मन का ,
एक ऐसी दुनिया ले जाती हूं ।
‘(मन में बोली मां)
आज फिर से तुझे भूख पेट सुलाती हूं। ‘

उन परियों की दुनिया में
तू एक राजा कहलाएगा ,
तू जो चाहे तुझे उनसे
सब कुछ मिल जाएगा ,
आंखें बंद करके तू बस सब कुछ सुनता जा,
आ मेरी गोद में रखकर सर तू
परियों की दुनिया में जा ।
अब कहानियों की दुनिया में
ले जाते जाते मां को भी गहरी नींद आई….

सुबह सवेरा हो गया ,
सभी ओर नववर्ष की खुशियां थी छाईं,
मना रहे थे खुशी वहां सब ,
देकर तोहफे और बधाई ,पर….
पता नहीं रात को कब ये तूफान आया था,
बच्चे के पास रखा दीपक बुझ सा गया था।
मां ने कोशिश की
अपने बच्चे को जगाने की ,
उसकी मां को क्या पता था
उसका भूखा बच्चा
सारी उम्र के लिए सो गया था।

सच पूछो तो तोहफा नये वर्ष का
उसको ही मिल गया ,
वह भूखा सोया बच्चा
परियों के देश में चला गया।
अब कभी ना वह भूखा सोएगा,
अब कभी ना वह
अपनी मां के सामने रोएगा ।

“अब तो चिराग रोशन उस दुनिया में हुआ है
जहां वह बच्चा कभी भूखा ना सोएगा।”

Emotional Poetry in Hindi 👇

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One thought on “Emotional poetry l नववर्ष का तोहफा🎁”

  1. Verma sisters says:

    Bahut Achchha Kavita hai sir👍👌

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