Best Mother’s Day Poetry l माँ-ममता की मूरत

Mother's Day Poetry

Mother’s Day Poetry

मां की बात ही है निराली ,
मां है अमृत से भरी हुई प्याली ।
मां बच्चों के जन्म के लिए कई दर्द है सहते ,
इसलिए तो बच्चे सबसे पहले मां ही कहते।

मां होती है बड़ी सुंदर प्यारी सी,
क्योंकि मां एक रूप है नारी की।
मां की कीमत उनसे पूछो,
जिनके सर पर मां का हाथ नहीं होता।
इस जहान में मां के समान और कोई नहीं होता।
बच्चा अपनी मां की गोद में चैन से सोता
क्योंकि जब मां का साथ हो तो कोई डर नहीं होता।

मां के आंचल में है जो सुकून वह आराम,
ढूंढने से नहीं मिलेंगे चाहो दिल्ली या जापान।
मां होती है ममता की मूरत,
मां की होती है सभी को जरूरत ।
मां बच्चों की सभी चीजों का रखती है ध्यान,
वही बच्चा बड़ा होकर करता है मां का अपमान।

फिर भी मां सोचती है अपने बच्चों के बारे में हर पल,
क्योंकि मां होती है निस्वार्थ व निश्चल।
ऐ दोस्तों मां का दिल कभी ना दुखाना,
मां को कभी ना रुलाना।
उनके चेहरे पर हंसी ना सही,
पर उनकी आंखों में आंसू ना लाना।
उसने तो सारी जिंदगी तुम्हारे लिए कुर्बान कर दी,
अब तुम अपना कर्ज निभाना,अपना फर्ज निभाना।

– BY GAURAV SHARMA
(Mother’s Day Poetry in Hindi)

👇Mother’s Day Poem l माँ🤱

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3 thoughts on “Best Mother’s Day Poetry l माँ-ममता की मूरत”

  1. अद्भुत कविता अत्यंत मनमोहक।भावनाओं को शब्दों में अत्यंत सुंदर तरीके से पिरोया गया है ।लेखक -गौरव शर्मा जी का सहृदय धन्यवाद जो उन्होंने हमें इस सुंदर कविता का रसपान कराया।।

  2. सधन्यवाद अतुल शर्माजी, आप सभी स्नेह व प्यार सदैव हम पर बनाये रखे।
    🙏🙏

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