Best Motivational Poem In Hindi। हो गई प्रभा

MOTIVATIONAL POEM IN HINDI

Motivational poem in Hindi

हो गई प्रभा…..
सूरज भी तेरे स्वागत पर है खड़ा।
चल ढाल को पिघालकर,
एक नई तलवार बना ।
एक नया रूप तू अपना,
एक नए कल को दिखा ।

भय से छुपकर नहीं,
तू खुद को साहस से लड़ना सिखा,
पर्वत विशाल बन,
तू भीतर खुदको जगा।
याद रख नदी का प्रवाह
रुक सकता नहीं कभी,
और पर्वत विशाल
झुक सकता नहीं कभी ।

ललकार है जिसकी…..
तू रणभूमि पर खड़ा हो,
शंख ध्वनि से युद्ध प्रारंभ करा।
नतमस्तक हो शीश झुके,
तू दुश्मनों को ऐसी धूल चटा ।

रण पर विजय जब तेरी होगी,
फिर से प्रभात सुनहरी होगी,
तू उठ खड़ा हो गति खुद की ऐसी बढ़ा,
सूरज भी फीका लगे,
वह तेज तू खुद के भीतर जगा।

MOTIVATIONAL । HO GAYEE PRABHA

ho gayee prabha…..
sooraj bhee tere svaagat par hai khada.
chal dhaal ko pighalaakar,
ek nayee talavaar bana.
ek naya roop tu apana,
ek naye kal ko dikha.

bhay se chhupakar nahin,
too khudko saahas se ladana sikha,
parvat vishaal ban,
too bheetar khudako jaga.
yaad rakh nadi ka pravaah
ruk sakata nahin kabhee,
aur parvat vishaal
jhuk sakata nahin kabhee .

lalakaar hai jisakee…..
too ranabhoomi par khada ho,
shankh dhvani se yuddh praarambh kara.
natamastak ho sheesh jhuke,
too dushmanon ko aisee dhool chata .

ran par vijay jab teri hogee,
phir se prabhaat sunaharee hogee,
to uth khada ho gati khud kee aisee
badha,
sooraj bhee feeka lage,
vah tej too khud ke bheetar jaga
.

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  • Motivational poems Hindi तू खुद को खोल कर तो देख🍁
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    One thought on “Best Motivational Poem In Hindi। हो गई प्रभा”

    1. Jai kishan says:

      Mai bhi motivat ho gya

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