Poem on women empowerment

Poem on women empowerment ।अब लौह बनकर निकलूंगी🔥Poem on women empowerment ।अब लौह बनकर निकलूंगी🔥

Poem on women empowerment जलती रही तेरे झूठे अभिमान के अंगारों में, अब लौह बनकर निकलूंगी, जो छुआ तूने मुझे तो सबसे बुरा तेरा हश्न करूंगी। बहुत गुरूर है तुझे